राज्यसभा में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संबिधान दिवस पर बहस की शुरुआत करते हुए कहा, भारत प्रजातंत्र की जननी है
आज सुबह राज्यसभा में बीजेपी राष्ट्रिय अध्यक्ष और नेता सदन जेपी नड्डा ने संबिधान दिवस पर बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत प्रजातंत्र की जननी है। उन्होंने कहा कि चर्चा से संबिधान को मजबूती मिलती है। ऋगवेद, अर्थववेद, पुराने ग्रंथों की बात करें तो सभा, समिति, संसद शब्दों का प्रयोग हुआ है। ये इस बात को बताता है कि हमारे यहां चर्चा हमारी संस्कृति में विराजमान रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि संबिधान पर कमल की छाप है।
भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है
राज्यसभा में बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, “ये जो त्योहार हम मनाते हैं, ये एक प्रकार से संबिधान के प्रति हमारे समर्पण को, संबिधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है। मुझे विश्वास है कि हम इस अवसर का सदुपयोग राष्ट्रीय लक्ष्य की पूर्ति में करेंगे। हम सभी जानते हैं कि भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है लेकिन जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि यह न केवल सबसे बड़ा लोकतंत्र है बल्कि यह लोकतंत्र की जननी है।”
संबिधान पर अजंता एलोरा की गुफाओं और कमल की छाप
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने सम्बोधन में आगे कहा, “आजकल हम संस्कृति की बात करते हैं तो कई लोगों को तकलीफ होती है। मैं उनके ध्यान में लाना चाहता हूं कि संबिधान की मूल प्रति में अजंता एलोरा की गुफाओं की छाप है। कमल की भी छाप है। कमल इस बात को प्रतिलक्षित करता है कि हम दलदल से निकलकर आजादी की लड़ाई लड़कर हम नई सुबह के साथ खड़े होने को तैयार हैं। हमारा संबिधान भी हमें उस कमल से प्रेरणा देता है कि तमाम मुसीबतों के बावजदू हम लोकतंत्र को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। बाबा साहब अंबेडकर कितने दूरदर्शी थे, ये पता चलता है।”

