बिहार में बीजेपी ने किया सदन से वॉकआउट, तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर किया सदन में हंगामा
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का नाम लैंड फॉर जॉब केस में आरोपी के तौर पर शामिल हुआ है। तब से बीजेपी सीएम नितीश कुमार पर हमलावर है, और तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसको लेकर आज मानसून सत्र के दूसरे दिन बीजेपी ने सदन में जोरदार हंगामा किया और तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन से वॉकआउट कर गयी।
नितीश कुमार पर साधा निशाना
सदन से वॉकआउट करने के बाद बीजेपी के नेता विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सीएम नितीश कुमार कहते हैं कि भ्रस्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति है उनकी और अब तेजस्वी यादव को बचा रहे हैं। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव लैंड फॉर जॉब मामले में चार्टशीटेड हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि चार्टशीटेड को मंत्री मंडल में ना रखा जाये। तेजस्वी यादव के पास पांच पांच मंत्रालय है। उन्हें तुरंत ही मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए। लेकिन नितीश कुमार ऐसा नहीं कर रहे हैं और अपने ही सिद्धांतों से समझौता कर रहे हैं। विजय कुमार सिन्हा ने आगे कहा कि 2020 के चुनावों में जनादेश एनडीए को मिला था। लेकिन नितीश कुमार ने 2022 में चोर दरवाजे से आरजेडी के साथ हाथ मिला लिया। यह भ्रष्टाचारियों की सरकार है।
बीजेपी ने किया प्रदर्शन
बता दें कि वॉकआउट से पहले बीजेपी ने तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर विधानसभा परिसर में बैनर और पोस्टरों के साथ प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री, विधायक नीरज बबलू ने कहा कि नितीश कुमार अपनी कुर्सी बचने के लिए तेजस्वी यादव को बर्खाश्त नहीं कर रहे हैं। नितीश कुमार चार्टशीटेड तेजस्वी यादव को बचा रहे हैं। क्या यही है नितीश कुमार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति। लेकिन जब बीजेपी से पूछा गया कि पीएम मोदी ने कहा था कि एनसीपी भ्रष्टाचारियों की पार्टी है। तो अजित पवार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बने है और एनसीपी के कई नेता मंत्री भी बने हैं। इस पर कोई जवाब नहीं दे पाए।
