स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विपक्ष के नेता राहुल गाँधी को पीछे की पंक्ति में बैठाने पर कांग्रेस ने सरकार से पूछा सवाल
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 11वीं बार झंडा फहराकर देश को सम्बोधित किया। स्वतंत्रता दिवस के समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल गाँधी को ओलंपिक पदक विजेताओं के साथ पीछे की पंक्ति में बैठे हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर इस बात की खूब चर्चा हो रही है। कांग्रेस ने भी राहुल गाँधी की सिटिंग को लेकर सरकार से सवाल पूछा है।
दरअसल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राहुल गाँधी को ओलंपिक पदक विजेता हॉकी की टीम के साथ पीछे की पंक्ति में बैठे हुए देखा गया। हालाँकि राहुल गाँधी के पीछे दो लाइनें और थी, जिसमें कुछ अन्य मेहमान बैठे थे। यहां गौर करने वाली बात ये है कि 10 साल में पहली बार विपक्ष का कोई नेता स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए लाल किले पर मौजूद था। ऐसे में उसे पीछे बिठाए जाने पर विवाद हो गया। हालांकि, सरकार की तरफ से इस पूरे मामले पर बयान भी सामने आया है।
सरकार से पूछा कांग्रेस ने सवाल
कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष की सिटिंग को लेकर सरकार से सवाल किया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा, “रक्षा मंत्रालय इतना खराब व्यवहार क्यों कर रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को चौथी कतार में बैठाया गया है। नेता प्रतिपक्ष का पद किसी भी केंद्रीय मंत्री से बड़ा होता है। लोकसभा में वह प्रधानमंत्री के बाद आते हैं। राजनाथ सिंह जी आप रक्षा मंत्रालय को राष्ट्रीय समारोह का राजनीतिकरण करने की इजाजत कैसे दे सकते हैं। आपसे इसकी उम्मीद नहीं थी।”
सरकार ने दिया जवाब
राहुल गांधी की सिटिंग पॉजिशन को लेकर हो रही राजनीति पर सरकार का भी जवाब सामने आया है। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि इस बार आगे की कतार ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए अलॉट करनी पड़ी, जिसकी वजह से राहुल गांधी को पीछे की कतार में बैठाना पड़ा। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित करने और बैठने की योजना बनाने की जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय की होती है। सूत्रों ने बताया है कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को भी इस बार पीछे बैठाना पड़ा है।
