बीजेपी के घोषणा पत्र पर कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा घोषणा पत्र का नाम माफीनामा होना चाहिए था
बीजेपी ने 14 अप्रैल को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र को संकल्प पत्र के नाम से जारी किया है। इसमें गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों पर फोकस किया गया है। बीजेपी ने अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा है कि वह अगले पांच साल में देश को विकसित भारत बनाने और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करेगी। इसी के साथ बीजेपी का कहना है कि वह देश को मैन्यूफेक्चरिंग का हब बनाना है। महिलाओं के लिए कई योजनाओं की भी बात की गई है।
कांग्रेस ने साधा निशाना
कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र पर निशाना साधते हुए कहा है कि बीजेपी के घोषणा पत्र में किये गए वायदे पूरी तरह खोखले हैं। 2014 में कहा गया था कि स्पेशल टास्क फोर्स बनाकर काला धन वापस लाया जाएगा, लेकिन इलेक्टोरल बॉन्ड आ गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 सालों में गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। खरगे ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वह किसानों की आय दोगुना कर देंगे। उन्होंने कहा था कि वह एमएसपी को बढ़ा देंगे और इसे कानूनी गारंटी देंगे। ये उनकी गारंटी थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में कोई भी ऐसा बड़ा काम नहीं किया जिससे देश के सभी लोगों को फायदा हो। युवा नौकरी की तलाश में है। महंगाई आसमान छूने लगी है। इन्हें महंगाई, बेरोजगारी की चिंता नहीं है। उनके घोषणा पत्र पर भरोसा करना सही नहीं है। इससे साबित होता है कि उनके पास लोगों को देने के लिए कुछ भी नहीं है।”
संकल्प पत्र न होकर माफीनामा होना चाहिए
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “यमराज ने एक मशीन बनाई थी, जिसमें झूठ बोलने पर घंटी बजने लगती थी। आज सुबह से वह घंटी लगातार बज रही है। हैरानी में यमराज ने चित्रगुप्त से पूछा- ये घंटी क्यों बज रही है? चित्रगुप्त ने कहा- महाराज, आज मोदी जी का संकल्प पत्र जारी होने वाला है। हमें बीजेपी के संकल्प पत्र के नाम से घोर आपत्ति है, इसका नाम ‘माफीनामा’ होना चाहिए। मोदी जी को देश के दलितों, किसानों, नौजवानों, आदिवासियों से माफी मांगनी चाहिए थी।”
