खराब मौसम में फंसी दिल्ली-श्रीनगर इंडिगो फ्लाइट को पाकिस्तान ने एयरस्पेस में आने से रोका, डीजीसीए ने दी जानकारी
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच एक और घटना ने दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा कर दिया है। नई दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को बुधवार को बेहद खराब मौसम का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उसे वैकल्पिक मार्ग की तलाश करनी पड़ी। लेकिन जब विमान ने पाकिस्तान के एयरस्पेस में प्रवेश की अनुमति मांगी, तो पाकिस्तान ने इनकार कर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी शुक्रवार को भारत के नागरिक उड्डयन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक विस्तृत बयान में दी। डीजीसीए ने स्पष्ट किया कि इस घटना में सभी यात्री सुरक्षित हैं, हालांकि विमान को हल्का नुकसान जरूर हुआ है।
मौसम की मार में फंसी फ्लाइट
यह घटना इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 2142 से जुड़ी है, जो एक A321neo विमान था। यह फ्लाइट नई दिल्ली से श्रीनगर जा रही थी। विमान जब पठानकोट के पास पहुंचा, तब वह ओलावृष्टि और अत्यंत खराब मौसम की चपेट में आ गया। चालक दल ने प्रयास किया कि विमान को सुरक्षित रास्ते से बाहर निकाला जाए, जिसके लिए उन्होंने पहले भारतीय वायुसेना से बाईं ओर – यानी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर – जाने की अनुमति मांगी।
हालांकि वायुसेना की ओर से यह अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद विमान के पायलट ने पाकिस्तान के लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर पाकिस्तान के एयरस्पेस में प्रवेश की अनुमति मांगी, ताकि तूफानी बादलों से बचा जा सके। लेकिन पाकिस्तान ने यह अनुमति देने से भी साफ इनकार कर दिया।
आगे बढ़ने के लिए कठिन निर्णय
डीजीसीए के बयान के अनुसार, जब विमान को दोनों तरफ से अनुमति नहीं मिली, तब चालक दल ने पहले वापस लौटने की कोशिश की। लेकिन उस समय वे पहले से ही तूफानी बादलों के काफी करीब पहुंच चुके थे। ऐसे में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलटों ने तय किया कि वे उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे, जहां से खराब मौसम से बचते हुए सबसे सुरक्षित और छोटा मार्ग निकलता है – यानी श्रीनगर की ओर।
यह निर्णय जोखिम भरा जरूर था, लेकिन जरूरी भी था, क्योंकि आसमान में ओलों और तेज तूफान के बीच किसी भी तरह की देरी यात्रियों की जान के लिए खतरनाक हो सकती थी।
विमान को नुकसान, यात्री सुरक्षित
डीजीसीए ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि इस घटना में विमान के ‘नोज रेडोम’ (नक की सामने की गोलाई वाला हिस्सा) को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी भी यात्री को चोट नहीं लगी। विमान सही-सलामत श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतर गया।
नियमित प्रक्रिया के अनुसार डीजीसीए इस घटना की पूरी तकनीकी और मौसमीय जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि विमान किस हद तक प्रभावित हुआ और भविष्य में ऐसी स्थिति से कैसे बचा जा सकता है।
भारत–पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव
इस घटना को भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया था, जिसमें आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और मिसाइल से हमला करने की कोशिश भी की गई थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था।
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक और सैन्य संबंधों में और तनाव आ गया है। ऐसे में पाकिस्तान का भारतीय विमान को अपने एयरस्पेस में प्रवेश से रोकना इस बढ़ते तनाव का एक और उदाहरण माना जा सकता है।
नई दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की उड़ान को खराब मौसम की वजह से वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा, लेकिन पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस इस्तेमाल की अनुमति न मिलने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। हालांकि इंडिगो के पायलटों की सतर्कता और त्वरित निर्णयों की वजह से सभी यात्री सुरक्षित हैं।
यह घटना न केवल एक तकनीकी और मौसमीय आपदा का प्रबंधन करने का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि दो देशों के राजनीतिक संबंध कभी-कभी नागरिक विमानन को भी कैसे प्रभावित कर सकते हैं। डीजीसीए की जांच रिपोर्ट से भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने की उम्मीद की जा सकती है।
