नेपाल में शुक्रवार देर रात आया भूकंप, भूकंप से नेपाल में काफी नुकसान, बचाव कार्य जारी
नेपाल में शुक्रवार 3 नवंबर को रात 11 बजकर 54 मिनट पर 6.4 की तीव्रता से भूकंप आया। इस भूकंप से नेपाल में काफी नुकसान हुआ है। इस भूकंप में अब तक 132 लोगों के मारे जाने की खबर है और 1000 से ज्यादा लोग घायल हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक बचाव कार्य जारी है। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। नेपाल में एक महीने में तीसरी बार तेज भूकंप आया है।
नेपाल में आये भूकंप के झटके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। रात करीब 11 बजकर 32 मिनट पर आए भूकंप के कारण लोगों को अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान (एनसीएस) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र नेपाल में अयोध्या से लगभग 227 किलोमीटर उत्तर और काठमांडू से 331 किलोमीटर पश्चिम उत्तर-पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के झटके दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए, जिसके चलते ऊंची इमारतों में रहने वाले कई लोग बाहर निकल आ गए। नोएडा सेक्टर-76 में एक ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के निवासी ने कहा, वास्तव में बहुत तेज झटके महसूस हुए थे। यह एक बेहद डरावना एहसास था। भूकंप के झटके उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बस्ती, बाराबंकी, फिरोजाबाद, अमेठी, गोंडा, प्रतापगढ़, भदोही, बहराइच, गोरखपुर और देवरिया जिलों के अलावा बिहार के कटिहार, मोतीहारी तथा पटना में भी महसूस किए गए।
भूकंप में मेयर की मौत
नेपाल के जाजरकोट भूकंप में नलगढ़ नगर पालिका की डिप्टी मेयर सरिता सिंह की मौत हो गयी। नेपाल पुलिस के मुताबिक, भूकंप के कारण पुराने मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
भूकंप के बाद बचाव कार्य जारी
नेपाल में भूकंप आने के बाद स्थानीय सरकार, सुरक्षा एजेंसियां, राजनीतिक दल और स्थानीय युवा राहत और बचाव के काम में लगे हुए हैं। नेपाल में इस भूकंप से कई जगहों पर भूस्खलन हो रहा है। कई जगहों पर लोगों को रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है। घायलों की रक्षा के लिए सरकार ने नेपाल के भेरी अस्पताल, कोहलपुर मेडिकल कॉलेज, नेपालगंज सैन्य अस्पताल और पुलिस अस्पताल को भूकंप प्रभावितों के लिए ओपन कर दिया है। नेपाल में सभी हेली-ऑपरेटरों को तैयार रहने के लिए कहा गया है और प्रभावित क्षेत्रों से घायलों को एयरलिफ्ट करने की सुविधा के लिए नियमित उड़ान आवाजाही निलंबित कर दी गई है। नेपालगंज हवाई अड्डे और सैन्य बैरक हेलीपैड पर एक एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हर संभव सहायता के लिए कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया। उन्होंने कहा, नेपाल में भूकंप के कारण हुई जनहानि और क्षति से अत्यंत दुखी हूं। भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
