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G7 Summit 2026: PM मोदी ने होर्मुज संकट पर उठाई भारतीय नाविकों की सुरक्षा की आवाज, वैश्विक नेताओं से की अहम मुलाकातें

न्यूज़क्रिटिक का इन्फोग्राफिक पोस्टर जिसमें G7 शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीरें हैं और लिखा है, 'G7 में PM मोदी का कूटनीतिक दम: वैश्विक नेताओं से मुलाकात'।
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एवियन-ले-बैंस (फ्रांस), 17 जून 2026। G7 शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत कूटनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई। फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालिया हमलों के दौरान भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।

भारत को इस बार G7 सम्मेलन में आउटरीच पार्टनर के रूप में आमंत्रित किया गया था। सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, इटली, कनाडा सहित कई देशों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया।

होर्मुज संकट पर भारत की चिंता

G7 सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में हुए सैन्य घटनाक्रमों के दौरान एक तेल टैंकर पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।

इस घटना ने भारत में चिंता बढ़ा दी थी क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है।

G7 मंच से पीएम मोदी का स्पष्ट संदेश

G7 के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संघर्ष और सैन्य तनाव के कारण निर्दोष लोगों की जान जा रही है तथा वैश्विक व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने दुनिया के नेताओं से अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखना सभी देशों की सामूहिक जिम्मेदारी है ताकि नाविक बिना किसी भय के अपना कार्य कर सकें।

ट्रंप समेत कई नेताओं से हुई अहम मुलाकात

सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, H-1B वीजा और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई।

इसके अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अन्य नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें आयोजित हुईं।

इन बैठकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, रूस-यूक्रेन संघर्ष, मध्य पूर्व संकट और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

Global South की आवाज बना भारत

G7 सम्मेलन के दौरान भारत ने विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। खाद्य सुरक्षा, ईंधन की बढ़ती कीमतें और वैश्विक सप्लाई चेन पर संकट के प्रभाव जैसे विषयों को भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखा।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह रणनीति उसकी “मल्टी-अलाइनमेंट” विदेश नीति को दर्शाती है, जिसमें देश अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए सभी प्रमुख शक्तियों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखता है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार सक्रिय

भारत दुनिया के सबसे बड़े समुद्री कर्मी आपूर्तिकर्ता देशों में से एक है। लाखों भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर कार्यरत हैं। ऐसे में सरकार ने नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न देशों के साथ राजनयिक संपर्क तेज कर दिए हैं।

विदेश मंत्रालय भी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रहा है।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

G7 Summit 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं बल्कि वैश्विक निर्णय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

होर्मुज संकट जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भारत की मुखर भूमिका यह संकेत देती है कि आने वाले समय में वैश्विक शांति, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है।

1. G7 Summit 2026 कहाँ आयोजित हुआ?

G7 शिखर सम्मेलन 2026 फ्रांस के एवियन-ले-बैंस शहर में आयोजित किया गया।

2. पीएम मोदी ने G7 में कौन सा प्रमुख मुद्दा उठाया?

प्रधानमंत्री मोदी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

3. होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है और भारत की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता है।

4. G7 सम्मेलन में पीएम मोदी ने किन नेताओं से मुलाकात की?

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अन्य वैश्विक नेताओं से मुलाकात की।

5. भारत की “मल्टी-अलाइनमेंट” नीति क्या है?

यह ऐसी विदेश नीति है जिसमें भारत किसी एक शक्ति समूह के साथ पूरी तरह नहीं जुड़ता बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखता है।

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