गृहमंत्री अमित शाह ने केजरीवाल पर साधा निशाना, कहा कई लोग अंतरिम जमानत को विजय समझ रहे हैं
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जहाँ भी जायेंगे लोगों को शराब घोटाला याद आएगा। कुछ लोगो को तो बड़ी बोतल भी दिख सकती है। अमित शाह ने आगे कहा कि कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट ने मिली अंतरिम जमानत को विजय समझ लिया है।
अंतरिम जमानत को विजय समझ लिया
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रिय संयोजक अरविन्द केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से शराब निति मामले में अंतरिम जमानत मिली है। जिसके बाद से अरविन्द केजरीवाल लगातार दिल्ली और पंजाब में चुनावी सभाएं कर रहे हैं। इस पर अमित शाह ने कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं, लेकिन इसे कुछ लोग केजरीवाल की विजय मानकर चल रहे हैं, वो गलत है।” गृहमंत्री ने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बस इतना कहा है कि चुनाव प्रचार भर के लिए आपको अंतरिम जमानत देते हैं, लेकिन सरकार के काम करने और ऑफिस जाने तक पर रोक है।”
केजरीवाल के एक बयान को बताया सुप्रीम कोर्ट की अवमानना
गृहमंत्री अमित शाह ने अरविन्द केजरीवाल के एक बयान को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना बताया। उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने अपने एक चुनावी भाषण में कहा था कि अगर उनकी पार्टी को जीत मिलती है तो उन्हें जेल नहीं जाना होगा। अरविन्द केजरीवाल के इस बयान पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “इससे बड़ी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना नहीं हो सकती। इस पर सुप्रीम कोर्ट के जज को सोचना है। क्या सुप्रीम कोर्ट चुनावी जीत और हार के आधार पर गुनाह का निर्णय करेगा? ये सुप्रीम कोर्ट की फंक्शनिंग पर गलत टिप्पणी है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएंगे–अमित शाह
इंटरव्यू के दौरान जब अमित शाह से पूछा गया कि बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंचने पर कोई प्लान बी है क्या? इसके जवाब में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “प्लान बी तभी बनाने की जरूरत है जब प्लान ए के सफल होने की 60% से कम संभावना हो। मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आएंगे।”
जब अमित शाह से पूछा गया कि विपक्ष द्वारा लगातार आरोप लगाया जा रहा है कि बीजेपी 400 सीटें जीतने के बाद संबिधान बदलने वाली है। इसके जवाब में गृहमंत्री ने कहा, “संविधान बदलने का बहुमत हमारे पास 10 वर्षों से है। हमने कभी ये प्रयास नहीं किया। बहुमत के दुरूपयोग का इतिहास मेरी पार्टी का नहीं है। बहुमत का दुरूपयोग इंदिरा गांधी के समय में कांग्रेस ने किया था।”
