भोपाल में पीएम मोदी ने समान नागरिक संहिता कानून का जिक्र किया उसके बाद सियासी घमासान शुरू
पीएम मोदी ने भोपाल में समान नागरिक संहिता कानून की वकालत करके आने वाले लोकसभा के चुनावी मूड का संकेत दे दिया है। भोपाल में कार्यकर्ताओं की बैठक को सम्बोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा। पीएम मोदी के इस वयान के बाद से ही सियासी घमासान शुरू हो गया। पीएम मोदी के इस वयान के बाद यह सवाल उठ रहा है क्या बीजेपी आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए अपने कोर एजेंडे का तीसरा ब्रह्मास्त्र चलाने जा रही है क्या ?
भोपाल में बीजेपी द्वारा आयोजित कार्यक्रम मेरा बूथ सबसे मजबूत में पीएम मोदी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता कानून पर कहा कि हम देख रहे हैं कि समान नागरिक संहिता कानून के नाम पर लोगो को भड़काने का काम किया जा रहा है। पीएम ने कहा कि घर में एक सदस्य के लिए एक कानून और दूसरे के लिए दूसरा कानून तो क्या घर चल पायेगा। तो देश भी ऐसी दोहरी व्यवस्था से कैसे चल सकता है।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष यूसीसी के नाम पर मुसलमानों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को ध्यान रखना चाहिए कि देश का संबिधान भी देश के सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। पीएम मोदी ने देश की सर्वोच्य अदालत का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी इसके पक्ष में है। लेकिन देश में वोट बैंक की राजनीती करने वाले ही इसका विरोध कर रहे हैं।
बीजेपी के कोर एजेंडे
बीजेपी के कोर एजेंडे में मुख्य तीन मुद्दे रहे हैं जिसमे- अयोध्या राम मंदिर निर्माण, जम्मू और कश्मीर से धारा 370 को हटाना और देश में समान नागरिक संहिता लागू करना। जिसमे से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है और जम्मू और कश्मीर से धारा 370 को हटाया जा चुका है। अब बचा तीसरा और आखिरी मुद्दा जिस पर बीजेपी की सरकार को काम करना है।
तो क्या बीजेपी ने अपना ब्रह्मास्त्र चला दिया है। ये सवाल यूँ ही नहीं उठा है। केंद्र सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। अभी हाल ही में केंद्रीय विधि आयोग ने यूसीसी पर सुझाव मांगे थे।
