डब्ल्यूएचओ में भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर दिया कड़ा जवाब, झूठे प्रचार की खोली पोल
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की बैठक में भारत ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधि अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे दुनिया के सामने बेनकाब किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को पैदा करता है, उसे पालता-पोसता है और फिर खुद को पीड़ित दिखाने का नाटक करता है।
अनुपमा सिंह ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान आज भी जिहादी आतंकवाद का गढ़ बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ऐसा देश जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है, वह पीड़ित बनने का नाटक नहीं कर सकता। भारत ने डब्ल्यूएचओ के मंच का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के झूठे प्रचार की भी पोल खोली, खासकर सिंधु जल संधि को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों को लेकर। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस संधि को लेकर गलत तथ्य पेश कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह किया जा रहा है।
भारत की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस जवाबी कार्रवाई के बाद भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि सीमा पार से आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस ऑपरेशन ने आतंकवादियों को उनके ही तरीके से जवाब दिया और पाकिस्तान को यह संदेश भी दिया कि भारत अब किसी भी नापाक हरकत पर चुप नहीं बैठेगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है, लेकिन इसके बीच दोनों देशों ने आपसी सहमति से सीजफायर पर भी सहमति जताई थी। इसके बावजूद पाकिस्तान लगातार खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। भारत ने इस रणनीति को भी उजागर करने का निर्णय लिया है।
सरकार ने पाकिस्तान के झूठे प्रचार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने के लिए एक विशेष कूटनीतिक योजना बनाई है। इसके तहत भारत अपने प्रतिनिधिमंडलों को कई देशों में भेजने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि इन प्रतिनिधिमंडलों में सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के भी सांसद शामिल होंगे। इनमें कांग्रेस नेता शशि थरूर और एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेता भी शामिल हैं। इन प्रतिनिधियों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह बताना होगा कि पाकिस्तान किस तरह भारत में आतंक फैलाकर खुद को मासूम दिखाने का नाटक करता है।
भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब आतंकवाद और झूठे प्रचार के खिलाफ एकजुट होकर वैश्विक मंचों पर मजबूत संदेश दिया जाएगा। भारत का यह रुख अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां अब वह न केवल अपने बचाव में बल्कि आक्रामक रूप से पाकिस्तान के झूठ को उजागर करने में लगा हुआ है।
इस तरह डब्ल्यूएचओ के मंच पर भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर करारा जवाब देते हुए यह दिखा दिया है कि अब झूठ और आतंक के खिलाफ उसकी नीति बिल्कुल साफ है—‘न बर्दाश्त किया जाएगा, न छोड़ा जाएगा।’
