पाकिस्तान में पानी को लेकर मचा हाहाकार, सिंध-पंजाब विवाद ने पकड़ा उग्र रूप
पाकिस्तान एक बार फिर गहरे संकट में फंसता नजर आ रहा है। इस बार विवाद की वजह है— पानी का संकट। देश के दो प्रमुख प्रांत सिंध और पंजाब के बीच पानी के बंटवारे को लेकर तनाव इतना बढ़ गया है कि सड़कों पर हिंसा और आगजनी शुरू हो गई है। सिंध प्रांत में विरोध-प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने प्रांत के गृहमंत्री जियाउल हसन लंजर के घर पर हमला कर दिया।
यह मामला धीरे-धीरे पूरे इलाके में फैलता जा रहा है और क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में दो लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर है।
सिंध और पंजाब के बीच पानी के बंटवारे पर टकराव
पाकिस्तान में सिंध और पंजाब के बीच लंबे समय से पानी के बंटवारे को लेकर विवाद चलता आ रहा है। लेकिन अब यह मामला गंभीर रूप ले चुका है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग और आपूर्ति में भारी असंतुलन पैदा हो गया है। सिंध के लोग आरोप लगा रहे हैं कि पंजाब पानी पर कब्जा कर रहा है और सिंध की जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
यही नाराजगी धीरे-धीरे गुस्से में बदल गई और लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें खेती और पीने के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा, जबकि पंजाब की ओर जल वितरण सामान्य रूप से किया जा रहा है।
गृहमंत्री के घर पर प्रदर्शनकारियों का हमला
सिंध में स्थिति तब और खराब हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा गृहमंत्री जियाउल हसन लंजर के घर पर निकाला। बताया गया कि गुस्साई भीड़ ने उनके घर में तोड़फोड़ की और कमरों में आग लगा दी। घर के फर्नीचर और सामान को जला दिया गया। जब गृहमंत्री के निजी सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे, तो भीड़ ने उन्हें भी निशाना बनाने की कोशिश की।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए गार्ड्स ने हवाई फायरिंग की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए और कई स्थानों पर लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुईं। यहां तक कि हाईवे पर खड़े ट्रकों को भी आग के हवाले कर दिया गया।
नौशहरो फिरोज जिले में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत
‘द ट्रिब्यून एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, सिंध के नौशहरो फिरोज जिले के मोरो तालुका में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण झड़पें हुईं। यहां लोग छह नहरों और कॉर्पोरेट फार्मिंग प्रोजेक्ट्स के विरोध में धरना देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी।
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। झड़प में कम से कम दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए।
क्षेत्र में फैला डर और तनाव
इस पूरे घटनाक्रम के चलते इलाके में गहरा तनाव फैल गया है। जहां एक ओर स्थानीय लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक तंत्र भी स्थिति को संभालने में विफल नजर आ रहा है।
अभी तक सरकार की ओर से इस विवाद को हल करने या प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। वहीं स्थानीय लोगों की मांग है कि पानी का न्यायसंगत बंटवारा किया जाए और सिंध के किसानों को पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जाए।
पाकिस्तान में चल रहा यह पानी का विवाद अब सिर्फ संसाधनों की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक असंतोष का भी प्रतीक बन गया है। सिंध और पंजाब के बीच पानी का यह टकराव अगर समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो यह और बड़ा संकट बन सकता है।
प्रदर्शनकारियों की हिंसक प्रतिक्रिया बताती है कि लोग अब सरकार से नाराज और निराश हैं। ऐसे में पाकिस्तान सरकार को जल्द से जल्द पारदर्शी जल प्रबंधन नीति बनाकर सभी प्रांतों को विश्वास में लेना होगा, ताकि इस तरह की भयावह स्थिति दोबारा न बने।
