एअर इंडिया हादसे पर शुरुआती रिपोर्ट: तकनीकी खामी नहीं, जांच जारी – सीईओ कैंपबेल विल्सन का बयान
अहमदाबाद में हाल ही में हुए एअर इंडिया फ्लाइट AI171 के हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ गई है। इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद एअर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने इस पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विमान में किसी भी तरह की तकनीकी या रखरखाव से जुड़ी खामी नहीं पाई गई है।
विमान और पायलटों की स्थिति सामान्य
सीईओ विल्सन ने बताया कि हादसे का शिकार हुए विमान AI171 में उड़ान से पहले सभी जरूरी मेंटेनेंस कार्य पूरे किए गए थे। विमान के इंजन या किसी अन्य सिस्टम में कोई यांत्रिक खराबी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि ईंधन की गुणवत्ता भी जांची गई और उसमें कोई समस्या नहीं पाई गई। टेकऑफ के दौरान भी कोई असामान्यता दर्ज नहीं की गई।
पायलटों की स्थिति को लेकर भी सीईओ ने पूरी तरह से साफ किया कि दोनों पायलटों ने उड़ान से पहले अनिवार्य ब्रेथ एनालाइजर पास किया था और उनकी मेडिकल स्थिति सामान्य पाई गई। इसका मतलब है कि मानवीय लापरवाही या नशे की स्थिति से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है।
डीजीसीए की निगरानी में हुए सभी विमान जांच
विल्सन ने यह भी जानकारी दी कि भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की निगरानी में एयर इंडिया के सभी बोइंग 787 विमानों की विस्तृत जांच की गई है। इस जांच में सभी विमान उड़ान के लिए सुरक्षित पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच प्रक्रिया अभी भी चल रही है और एएआईबी की यह रिपोर्ट शुरुआती निष्कर्ष है।
समय से पहले निष्कर्ष पर न पहुंचे: कर्मचारियों से अपील
कैंपबेल विल्सन ने एअर इंडिया के कर्मचारियों और पब्लिक से अपील की है कि इस शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर कोई अंतिम निष्कर्ष न निकाला जाए। उन्होंने कहा कि न तो अभी किसी निश्चित कारण का पता चला है और न ही किसी तरह की सिफारिश की गई है। इसलिए पूरे तथ्यों के सामने आने से पहले अनुमान लगाने से बचना चाहिए।
शुरुआती रिपोर्ट में क्या सामने आया?
एएआईबी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि फ्लाइट AI171 ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टेकऑफ किया था। विमान उड़ान भरने के बाद सामान्य ढंग से जरूरी ऊंचाई तक पहुंच चुका था। लेकिन अचानक विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच ‘रन’ मोड से ‘कटऑफ’ मोड में चले गए, जिससे ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई। जब इंजनों तक ईंधन पहुंचना बंद हो गया तो विमान की उड़ान जारी नहीं रह सकी और वह क्रैश हो गया।
यह घटना चौंकाने वाली जरूर है, लेकिन रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हादसे के पीछे फिलहाल किसी निश्चित कारण की पुष्टि नहीं की गई है। एएआईबी की विस्तृत जांच अभी चल रही है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही असल वजह सामने आएगी।
इस मामले में अभी कई सवालों के जवाब आना बाकी हैं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया है कि विमान की तकनीकी स्थिति, पायलटों की तैयारी और ईंधन की गुणवत्ता – इन सभी पहलुओं में कोई गड़बड़ी नहीं थी। ऐसे में हादसे की असल वजह जानने के लिए अब अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। एअर इंडिया और विमानन एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही हैं।
