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कोलकत्ता रेप-मर्डर केस में पश्चिम बंगाल की ममता सरकार सवालों के घेरे में, टीएमसी सांसद ने उठाये सवाल

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कोलकत्ता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुयी दरिंदगी का मुद्दा आजकल काफी गरमाया हुआ है। पश्चिम बंगाल की ममता बैनर्जी की सरकार भी सवालों के घेरे में है। बीजेपी लगातार राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर ममता बैनर्जी की सरकार पर निशाना साध रही है। इसी बीच ममता बैनर्जी की सरकार को खुद उनकी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। जिसकी वजह से टीएमसी में अंतःकलह शुरू हो गयी है।

दरअसल टीएमसी के नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने सवाल उठाया कि पीड़िता के सुसाइड की कहानी किस शख्स ने फैलाई है और उसने ऐसा क्यों किया? इसकी जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने खोजी कुत्तों के देर से इस्तेमाल होने पर भी सवाल खड़ा किया है। सांसद सुखेंदु के सवाल उठाने के बाद टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा की वह भी चाहते हैं कि पीड़िता को न्याय मिले। लेकिन पुलिस कमिश्नर सहित जाँच पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वो भी एक वरिष्ठ नेता की तरफ से।

सुखेंदु शेखर ने उठाया सवाल

टीएमसी नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा,  “सीबीआई को निष्पक्षता से काम करना चाहिए। सुसाइड की कहानी किसने और क्यों फैलाई, यह जानने के लिए पूर्व प्रिंसिपल और पुलिस कमिश्नर से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। हॉल की दीवार क्यों गिराई गई, आरोपी संजय रॉय को इतना शक्तिशाली होने के लिए किसने संरक्षण दिया और 3 दिन बाद खोजी कुत्ते का इस्तेमाल क्यों किया गया। ऐसे सैकड़ों सवाल हैं। उनका मुंह खुलवाया जाए।”

कुणाल घोष ने पोस्ट को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

टीएमसी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने सांसद सुखेंदु के पोस्ट का जवाब देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “मैं भी आरजी कर केस में न्याय की मांग करता हूं। लेकिन पुलिस कमिश्नर को लेकर की गई मांग का कड़ा विरोध करता हूं। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपना बेहतरीन काम किया है। निजी तौर मुझे लगता है कि पुलिस कमिश्नर अपना काम कर रहे थे और जांच में पॉजिटिव फोकस था। इस तरह का पोस्ट दुर्भाग्यपूर्ण है, वो भी मेरे वरिष्ठ नेता की तरफ से।”

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