May 19, 2026

News Critic

Latest News In Hindi

पाकिस्तान को आतंकवाद पर घेरने की तैयारी, कपिल सिब्बल बोले– “प्रतिनिधिमंडल की मांग लंबे समय से कर रहा था”

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेनकाब करने की रणनीति तेज कर दी है। केंद्र सरकार ने इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को अलग-अलग देशों में भेजने का फैसला किया है, जो वहां जाकर भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दुनिया के सामने रखेंगे।

इनमें से एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर करेंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्होंने काफी समय से इस तरह के प्रतिनिधिमंडल की मांग की थी। उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम और खुशी की बात बताया।

कपिल सिब्बल बोले – “बहुत समय से कर रहा था प्रतिनिधिमंडल की मांग

पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वह लंबे समय से सरकार से इस तरह के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा,

“शायद सरकार ने मेरी बात सुन ली, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देना चाहता हूं। यह एक स्वागत योग्य कदम है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद वह चाहते थे कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर एक साझा प्रस्ताव पारित किया जाए, ताकि दुनिया को भारत की एकजुटता का संदेश जाए।

मनमोहन सरकार के दौरान भी गए थे प्रतिनिधिमंडल

कपिल सिब्बल ने पुरानी घटनाओं को याद करते हुए बताया कि जब 2008 में मुंबई आतंकवादी हमला हुआ था, तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने की रणनीति अपनाई थी।

उन्होंने कहा,

“उस समय भी कई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजे गए थे। मैं स्वयं भी उनमें से एक का हिस्सा था। इसका असर यह हुआ कि पाकिस्तान की पोल अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने खुली और उसका असली चेहरा सबने देखा।”

उनके अनुसार, इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि मनमोहन सरकार के समय में कश्मीर में आतंकी घटनाएं कम हुईं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के बाद इन घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।

शशि थरूर को लेकर विवाद से बचे सिब्बल

जब उनसे पूछा गया कि क्या शशि थरूर का प्रतिनिधिमंडल में शामिल होना उचित है, तो सिब्बल ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

“मैं इस विवाद में नहीं पड़ना चाहता,” उन्होंने साफ कहा।

इसका मतलब साफ है कि वे पूरे फोकस को प्रतिनिधिमंडल की उपयोगिता और उद्देश्य पर बनाए रखना चाहते हैं, न कि किसी व्यक्तिगत चयन पर।

आम जनता से भी संवाद करे प्रतिनिधिमंडल: सिब्बल

कपिल सिब्बल ने सरकार को सुझाव दिया कि प्रतिनिधिमंडल को सिर्फ संबंधित देशों के राजनीतिक नेताओं से ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों और संगठनों से भी संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीते ढाई दशकों में भारत ने आतंकवाद के चलते जो नुकसान उठाया है, उसकी जानकारी अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दी जानी चाहिए।

उनका मानना है कि इससे पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर आतंक के सरपरस्त के रूप में पेश करना और आसान होगा।

पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने की मांग

कपिल सिब्बल ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत को अब खुलकर यह कहना चाहिए कि पाकिस्तान आतंकवाद को जन्म देने वाला राष्ट्र है। उन्होंने कहा,

“पाकिस्तान एक आतंकवादी फैक्ट्री बन चुका है। मैं नहीं मानता कि वह आगे आतंकवादियों को भारत भेजना बंद कर देगा।”

उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति को इस मुद्दे पर और स्पष्ट और आक्रामक होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत आए थे, तो उन्होंने अपने भाषण में आतंकवाद का नाम तक नहीं लिया। इससे भारत को सतर्क रहना चाहिए।

आतंकवाद के खिलाफ एकजुट भारत की जरूरत

कपिल सिब्बल की बातों से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर भारत को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना होगा। सरकार का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का कदम इस दिशा में सकारात्मक और प्रभावशाली हो सकता है, बशर्ते वह सिर्फ औपचारिकता बनकर न रह जाए।

अब देखना होगा कि ये प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का पक्ष कितनी मजबूती से रख पाते हैं और पाकिस्तान के झूठ को किस हद तक उजागर कर पाते हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *