विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान में कांग्रेस को झटका, कांग्रेस नेताओं ने धामा बीजेपी का दामन
राजस्थान में आज कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जयपुर की मेयर और कांग्रेस नेता सचिन पायलट की करीबी माने जाने वाली ज्योति खंडेलवाल आज बीजेपी में शामिल हो गयी हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि ज्योति खंडेलवाल को किशनपोल विधानसभा सीट से बीजेपी मैदान में उतार सकती है। बीजेपी भी इस सीट के लिए किसी मजबूत उम्मीदवार की तलाश में थी।
ज्योति खंडेलवाल से पहले ज्योति मिर्धा बीजेपी में शामिल हुयी थी। इन दोनों के बीजेपी में शामिल होने के बाद से कई नए समीकरण बनने लगे हैं। जयपुर में हुए इस फेरबदल के बाद कई सीटों पर जातिगत समीकरण बनेंगे और बिगड़ेंगे भी। वहीं पूर्व विधायक चंद्रशेखर वैध, कांग्रेस से पूर्व विधायक नंदलाल पूनिया, झुंझुनूं से हरी सिंह सहारण, सावरमल मेहरिया बीजेपी में शामिल हुए हैं। विद्याधर नगर से भी कई लोगो ने की बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है।
कई नए समीकरण बनने लगे
ज्योति खंडेलवाल और ज्योति मिर्धा के बीजेपी में शामिल होने से कई नए समीकरण बनने लगे हैं। बीजेपी ने जयपुर की सांगानेर सीट से वैश्य समाज से आने वाले अशोक लाहोटी का टिकट काट दिया था। जिससे वैश्य समाज अपनी नाराजगी दिखा रहा था। लेकिन अब ज्योति खंडेलवाल के बीजेपी में शामिल होने से वैश्य समाज की नाराजगी ख़त्म हो जाएगी। वहीँ ज्योति मिर्धा के बीजेपी में शामिल होने से नागौर में भी इसका असर दिखने लगा है।
चंद्रशेखर वैद्य जो चूरू जिले की तारानगर सीट से विधायक रहे हैं वे भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। चंद्रशेखर वैद्य के पिता लम्बे समय तक राजस्थान के मंत्री और आठ बार विधायक रहे हैं। इसके अलावा नन्द लाल पुनिया जो कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं उन्होंने ने भी बीजेपी सदस्यता ग्रहण कर ली है। डॉक्टर हरि सिंह सारण सीकर की मंड़वा से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं। संवारवाल महरिया ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
