May 18, 2026

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नीट भ्रस्टाचार मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए को दी क्लीन चिट, कांग्रेस ने साधा निशाना

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में पेपर लीक मामले में आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा, “नीट यूजी में पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं है। एनटीए पर भ्रस्टाचार के आरोप निराधार हैं। यह एक बहुत ही विश्वसनीय संस्था है।”

दरअसल गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान एनटीए ने कहा कि 2024 की नीट यूजी परीक्षा में ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1593 परीक्षार्थियों के स्कोर कार्ड रद्द कर दिए जायेंगे। साथ ही इन परीक्षार्थियों को फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा। एनटीए ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ को यह भी बताया कि 1563 से अधिक परीक्षार्थियों के स्कोर कार्ड की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया गया। एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि समिति ने 1563 नीट यूजी 2024 के परीक्षार्थियों के स्कोर कार्ड को रद्द करने का फैसला किया है। जिन्हे ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। साथ ही इन परीक्षार्थियों को फिर से परीक्षा देने का विकल्प दिया गया है।

6 सेंटर पर हुयी गड़वड़ीशिक्षा मंत्री

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि  ‘हर एग्जाम सेंटर पर पेपर के दो सेट होते हैं और परीक्षा शुरू होने से थोड़ी देर पहले ही बताया जाता है कि कौन-सा पेपर खोला जाना है। लेकिन 6 एग्जाम सेंटर पर दूसरा सेट खोल दिया गया जिसकी वजह से पेपर में 30-40 मिनट समय की बर्बादी हो गई। बाद में एनटीए ने एपेक्स कोर्ट के 2018 के जजमेंट के तहत छात्रों को लॉस ऑफ टाइम की वजह से छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए थे।’ उन्होंने आगे कहा “सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है और हम उसके फैसले का पालन करेंगे। हम सुनिश्चि करेंगे कि किसी भी छात्र को नुकसान न हो।”

कांग्रेस ने साधा निशाना

केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा,  ‘शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री चुप हैं। वे बात नहीं करना चाहते हैं। जिस एनटीए के नेतृत्व में पेपर लीक हुआ, उसी को इंक्वायरी करने के लिए बोला गया। हम निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं। कोचिंग सेंटर के नेक्सस ने मध्यम वर्गीय परिवारों का जीवन अस्थिर कर दिया है। ये नेक्सस है, क्या इसकी एनटीए जांच कर पाएगा। अगर उन्हें कोई पेपर मिला है तो इसमें जरूर एनटीए का कोई अधिकारी शामिल है।’

कांग्रेस नेता गौरव गोगई ने शिक्षा मंत्री पर हमला करते हुए कहा, ‘जांच किया ही नहीं और परिणाम दे दिया। अगर वे सरकारी पदाधिकारियों से पूछेंगे तो उन्हें यही जवाब मिलेगा कि सब ठीक है। बच्चों और उनके माता-पिता को ये जानने का अधिकार है कि आप इस निर्णय पर कैसे पहुंचे। प्रधानमंत्री चुप हैं, शिक्षा मंत्री बिना जांच किए ही ये कह रहे हैं कि कुछ नहीं हुआ। इस जनादेश के बाद भी इनका अहंकार खत्म नहीं हुआ है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।’

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