होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा, चीन ने भी दिया बड़ा बयान
इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक चली लंबी बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहराता नजर आ रहा है। इस बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को रोकने की कार्रवाई शुरू कर सकता है। इस बयान के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और अब चीन भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ गया है।
चीन ने दी प्रतिक्रिया, शांति की बात दोहराई
चीन के रक्षा मंत्री डोंग जून ने कहा कि उनका देश विश्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन मध्य पूर्व की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उनके अनुसार, चीन के जहाज नियमित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हैं और ईरान के साथ उसके ऊर्जा और व्यापारिक समझौते हैं, जिनका सम्मान किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को नियंत्रित करता है और चीन के लिए यह मार्ग खुला है। चीन ने यह संकेत भी दिया कि वह अपने हितों की रक्षा करेगा और अन्य देशों से उसके मामलों में हस्तक्षेप न करने की उम्मीद रखता है।
वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जैकुन ने उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि चीन ईरान को हथियार या सैन्य तकनीक उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन हमेशा जिम्मेदारी के साथ सैन्य निर्यात करता है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है।
ट्रंप का बड़ा ऐलान, होर्मुज में नाकेबंदी की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट और परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगा। उनके अनुसार, अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया गया है कि वह ऐसे सभी जहाजों की पहचान करे और उन्हें रोके, जो ईरान को किसी तरह का शुल्क या “टोल” दे रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान ने समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, तो उन्हें नष्ट किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी अमेरिकी या अन्य शांतिपूर्ण जहाज पर हमला हुआ, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
ईरान पर “अवैध वसूली” का आरोप
ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से जबरन वसूली कर रहा है, जिसे उन्होंने “अवैध” बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर अन्य देशों को भी इस कार्रवाई में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और यदि स्थिति बिगड़ती है, तो वह ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकती है।
कुल मिलाकर, इस्लामाबाद वार्ता के विफल रहने के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। एक तरफ अमेरिका सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है, वहीं ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा। चीन की एंट्री ने इस पूरे मुद्दे को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
