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18 जून का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में अगले 10 घंटे में आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी, 65 किमी/घंटा तक चलेंगी हवाएं

तेज़ हवाओं और तूफ़ान का दृश्य, साथ ही 15 राज्यों में अगले 10 घंटे के लिए भारी बारिश और आंधी का अलर्ट।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जून 2026 को देश के कई हिस्सों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। अगले 10 घंटों के भीतर 15 राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी, तूफान और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई जगहों पर हवाओं की रफ्तार 50 से 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

किन राज्यों में रहेगा मौसम का सबसे ज्यादा असर?

IMD के अनुसार, निम्नलिखित राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना अधिक है:

उत्तर भारत

  • दिल्ली-NCR: तेज हवाएं (40–60 किमी/घंटा) और गरज-चमक के साथ बारिश
  • उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर समेत कई जिलों में अलर्ट
  • राजस्थान: जयपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर सहित कई क्षेत्रों में तेज आंधी
  • पंजाब और हरियाणा: कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं

पूर्वी भारत

  • बिहार: पटना, गया, भागलपुर में भारी बारिश और आंधी
  • झारखंड और पश्चिम बंगाल: गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
  • असम: कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश का अलर्ट

पहाड़ी राज्य

  • हिमाचल प्रदेश: ओलावृष्टि और बारिश का खतरा
  • उत्तराखंड: तेज हवाएं और भूस्खलन की संभावना

अन्य राज्य

  • मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से
  • छत्तीसगढ़
  • महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ इलाके में भी मानसून सक्रिय

मौसम बिगड़ने की वजह क्या है?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव की मुख्य वजह है:

  • सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून
  • उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ता पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
  • दोनों सिस्टम के मिलने से बना निम्न दबाव क्षेत्र
  • वातावरण में बढ़ी हुई नमी और अस्थिरता

इसी कारण कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म (Thunderstorm) और थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन रही है।

संभावित असर

कृषि पर असर

  • खड़ी फसलों को नुकसान
  • पेड़ों और कच्चे ढांचों के गिरने का खतरा

यातायात पर असर

  • सड़क और रेल यातायात बाधित
  • उड़ानों में देरी और रद्द होने की संभावना

शहरी क्षेत्रों में असर

  • जलभराव की स्थिति
  • बिजली आपूर्ति बाधित
  • कम दृश्यता से दुर्घटनाओं का खतरा

पहाड़ी क्षेत्रों में खतरा

  • भूस्खलन की आशंका
  • नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है

IMD की जरूरी सलाह

  • अनावश्यक यात्रा से बचें
  • खुले स्थानों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें
  • बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों
  • किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह
  • मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें

निष्कर्ष

18 जून का मौसम देश के कई हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। जहां एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं तेज हवाएं और आंधी-तूफान नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। प्रशासन और IMD लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

नागरिकों को सावधानी बरतने और आधिकारिक मौसम अपडेट फॉलो करने की सलाह दी गई है।

1. 18 जून को किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर रहेगा?

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना है।

2. हवाओं की रफ्तार कितनी हो सकती है?

कुछ क्षेत्रों में हवाएं 50 से 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

3. क्या बारिश से बाढ़ का खतरा है?

बिहार, झारखंड और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश से स्थानीय बाढ़ और जलभराव का खतरा है।

4. मौसम बिगड़ने की मुख्य वजह क्या है?

मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के टकराव से यह मौसमीय बदलाव हो रहा है।

5. लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

खुले स्थानों से बचें, अनावश्यक यात्रा न करें और मौसम अलर्ट पर नजर रखें।

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