मध्यप्रदेश में बीजेपी के एमएलए ने ही बढ़ाई अपनी पार्टी की मुसीबतें, कर रहा है विंघ्य जनता पार्टी का समर्थन
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव कुछ ही महीने में होने वाले हैं। उससे पहले बीजेपी के विधायक ने ही अपनी पार्टी की मुसीबतें बड़ा दी हैं। मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने विंघ्य जनता पार्टी का समर्थन करना शुरू कर दिया है। 14 जुलाई से पार्टी का सदस्यता अभियान भी शुरू होने जा रहा है। लेकिन विधायक नारायण त्रिपाठी का कहना है कि वह बीजेपी के साथ कोई बगावत नहीं कर रहे हैं।
विंघ्य को अलग प्रदेश बनाने के लिए मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने बाहर लम्बे समय से अपना झंडा ऊँचा कर रखा है। इस सम्बन्ध में विधायक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को अपनी भावना से अवगत करा चुके हैं। विधायक नारायण त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने बहुत राजनीती कर ली लेकिन अब विंघ्य की जनता के लिए कुछ करना चाहते हैं।
नारायण त्रिपाठी ने बताया कि विंघ्य के लोगो ने तीन चार दिन पहले ही विंघ्य जनता पार्टी का रजिस्ट्रेशन करा लिया है। विंघ्य के लोग भी अलग राज्य की मांग कर रहे हैं। 1956 में विंघ्य को प्रदेश में मिला लिया था। समय समय पर यह भी मांग उठती आयी है कि जब भी कोई नया प्रदेश बनेगा तो सबसे पहले विंघ्य को राज्य का दर्जा दिया जायेगा। इसी के चलते अपनी मांग को लगातार बुलंद कर रहे हैं। नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वह बीजेपी के साथ किसी भी तरह की बगावत नहीं कर रहे है। पहले सदस्यता अभियान चलाया जायेगा। फिर बैठकों का दौर चलेगा और विंघ्य की जनता आगे की रणनीति तय करेगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को लेकर कहा
जब विधायक से पूछा गया कि बात की जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को देते हुए उनका मत जानने की कोशिश की। इस बात का जवाब देते हुए विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि किसी का कुछ भी मत हो लेकिन विंघ्य की जनता के लिए अलग राज्य की मांग उठाते रहेंगे। नारायण त्रिपाठी ने आगे कहा कि विधानसभा की कितनी सीटें नए राज्य में शामिल होंगी यह तो सीमांकन के बाद ही तय होगा। इसके अलावा विधायक ने कहा कि विंघ्य और बुंदेलखंड को मिलकर अलग राज्य की मांग लगातार उठाते रहे हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि विंघ्य जनता पार्टी के बैनर तले 33 से 43 के बीच उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में टक्कर देने के लिए उतर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो बीजेपी के लिए थोड़ी मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
