उत्तराखंड में अमित शाह का चुनावी शंखनाद, राहुल गांधी के दौरों पर साधा निशाना
उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देहरादून में आयोजित उत्तराखंड स्थापना दिवस समारोह के दौरान चुनावी अभियान का संदेश दिया। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए जुटने की अपील की।
अमित शाह उत्तराखंड दौरा केवल स्थापना दिवस समारोह तक सीमित नहीं रहा। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। शाह ने राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि राज्य में उनके पर्यटन से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
बीजेपी को 70 में से 65 सीटें जीतने का लक्ष्य
देहरादून में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से 70 विधानसभा सीटों में से 65 से अधिक सीटें जीतने के लिए मेहनत करने को कहा।
शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी की सरकार को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना होगा।
उत्तराखंड में बीजेपी ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 57 सीटें जीती थीं। इसके बाद 2022 के चुनाव में पार्टी को 47 सीटों पर जीत मिली थी। अब पार्टी आगामी चुनाव में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि राज्य के लोगों तक सरकार के काम और पार्टी का संदेश पहुंचना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड को विकसित भारत की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरों पर कसा तंज
अमित शाह ने अपने भाषण में राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के राज्य में होने वाले दौरों को लेकर कहा कि उनके पर्यटन से उत्तराखंड में कोई बदलाव नहीं आने वाला है।
शाह के मुताबिक, बीजेपी के हजारों कार्यकर्ता लगातार राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। वे स्थानीय लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और उन्हें दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे ‘वोट बचाओ’ अभियान पर भी सवाल उठाए। शाह ने इसे ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ बताते हुए मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाने की बात कही।
गृह मंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राम मंदिर और घुसपैठ के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। हालांकि, ये सभी आरोप अमित शाह के राजनीतिक भाषण का हिस्सा थे।
‘वोट बचाओ यात्रा’ को लेकर कांग्रेस पर हमला
अमित शाह ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस की गतिविधियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को गलत नामों से मुक्त किया जाना चाहिए।
शाह ने सवाल उठाया कि क्या देश और उत्तराखंड की मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटने चाहिए या नहीं। उन्होंने राहुल गांधी के अभियान को इसी मुद्दे से जोड़कर कांग्रेस पर हमला किया।
एसआईआर मतदाता सूची की जांच और संशोधन से जुड़ी प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग विचार सामने आए हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसके कुछ पहलुओं पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, बीजेपी इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बताती है।
शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस की पिछली सरकारों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कुछ कथित घोटालों और स्टिंग ऑपरेशन का उल्लेख किया।
1,508 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ
स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्तराखंड को विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिली। अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में 63 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 1,508 करोड़ रुपये बताई गई। कार्यक्रम में सड़क, आधारभूत ढांचे और विकास से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड के विकास के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बात की।
समारोह में उत्तराखंड के विकास और राज्य निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 लोगों को ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान’ प्रदान किया। इसके अलावा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और बाल वीरता पुरस्कार के प्राप्तकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर सरकार का दावा
अपने संबोधन में अमित शाह ने राज्य की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 के बाद से उत्तराखंड के सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
शाह ने कहा कि राज्य में औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके अनुसार, करीब एक लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश से जुड़ी परियोजनाएं जमीन पर आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में 380 प्रतिशत वृद्धि का दावा भी किया। शाह ने कहा कि उत्तराखंड को पहले मनीऑर्डर आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जाता था। अब सरकार इसे औद्योगिक और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है। चारधाम यात्रा, धार्मिक स्थल, पहाड़ी पर्यटन और साहसिक गतिविधियां बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करती हैं। ऐसे में पर्यटन से जुड़े रोजगार और स्थानीय कारोबार को बढ़ाना राज्य के लिए महत्वपूर्ण है।
पलायन और सीमावर्ती गांवों के विकास पर जोर
अमित शाह ने उत्तराखंड में लंबे समय से चली आ रही पलायन की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की सुविधाएं मजबूत करना जरूरी है।
शाह ने सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कामों की जानकारी दी।
उनके अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ने से स्थानीय लोगों को अपने गांवों में रहने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ सीमावर्ती गांवों में युवाओं की वापसी शुरू हुई है।
गृह मंत्री ने पिछली सरकारों पर सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती इलाकों में सड़क और सुरक्षा से जुड़ा ढांचा मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार मिलने के बाद कांग्रेस के नेता ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं।
धामी ने राज्य में नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं को सरकारी रोजगार देने का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की पहचान, सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों को भी अपने संबोधन में उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अमित शाह का देहरादून दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थापना दिवस के मंच से उन्होंने विकास योजनाओं के साथ चुनावी लक्ष्य और पार्टी की रणनीति भी सामने रखी।
बीजेपी ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने का संदेश दिया है। वहीं, कांग्रेस भी सरकार के कामकाज और विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा रही है।
आगामी चुनाव में रोजगार, पलायन, पर्यटन, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रह सकते हैं। इसके साथ ही मतदाता सूची, घुसपैठ और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
निष्कर्ष
उत्तराखंड स्थापना दिवस पर अमित शाह उत्तराखंड दौरा विकास और चुनावी राजनीति, दोनों के लिहाज से चर्चा में रहा। शाह ने 1,508 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उल्लेख किया और बीजेपी कार्यकर्ताओं को 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य दिया।
राहुल गांधी के दौरों और कांग्रेस के ‘वोट बचाओ’ अभियान पर उनके तंज ने राजनीतिक बयानबाजी को भी तेज कर दिया है। अब आगामी विधानसभा चुनाव में जनता विकास, रोजगार, पलायन और अन्य स्थानीय मुद्दों पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

