छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा: बालकनी की ग्रिल में फैला करंट, कपड़ा कारोबारी पिता और बेटे की मौत
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। घर की बालकनी में लगी लोहे की ग्रिल में अचानक करंट फैल गया। इसकी चपेट में आने से कपड़ा कारोबारी और उनके 24 वर्षीय बेटे की मौत हो गई।
हादसा शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 की सुबह हुआ। दोनों को बचाने पहुंचीं कारोबारी की पत्नी भी बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
घटना बलौदाबाजार के नेहरू चौक इलाके की है। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
सुबह बालकनी में जाते ही कारोबारी को लगा करंट
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान राकेश गुप्ता के रूप में हुई है। वह बलौदाबाजार में कपड़े का कारोबार करते थे। शुक्रवार सुबह वह रोज की तरह नींद से जागने के बाद अपने घर की बालकनी में पहुंचे।
इसी दौरान उन्होंने बालकनी में लगी लोहे की ग्रिल को हाथ लगा दिया। ग्रिल में पहले से बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था। उसे छूते ही राकेश गुप्ता करंट की चपेट में आ गए।
बिजली का तेज झटका लगने के कारण वह ग्रिल से चिपक गए। उन्होंने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे उन्हें बचाने के लिए दौड़े।
पिता को बचाने पहुंचे बेटे की भी गई जान
राकेश गुप्ता को करंट से चिपका देखकर उनका 24 वर्षीय बेटा ओम गुप्ता उन्हें बचाने पहुंचा। उसने पिता को ग्रिल से छुड़ाने की कोशिश की। हालांकि, इस दौरान वह भी बिजली की चपेट में आ गया।
ग्रिल में फैले करंट ने पिता और बेटे दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों को गंभीर बिजली का झटका लगा। परिवार के दूसरे सदस्य भी उन्हें बचाने की कोशिश में घबरा गए।
इस बीच राकेश गुप्ता की पत्नी वर्षा गुप्ता भी पति और बेटे को बचाने पहुंचीं। लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गईं। बिजली का झटका लगने से वह दूर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।
कुछ ही पलों में घर का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो वे तुरंत मदद के लिए पहुंचे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने पिता-बेटे को मृत घोषित किया
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने राकेश गुप्ता और उनके बेटे ओम गुप्ता की जांच की।
जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, वर्षा गुप्ता की हालत गंभीर बनी हुई थी। उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया।
एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार के लिए यह हादसा बेहद दुखद साबित हुआ।
राकेश गुप्ता शहर में कपड़ा कारोबारी के रूप में जाने जाते थे। पिता और बेटे की अचानक मौत से स्थानीय व्यापारिक समुदाय में भी शोक छा गया।
11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से करंट फैलने की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में घर के पास से गुजर रही 11 हजार केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।
आशंका जताई गई है कि हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी या उसके संपर्क में आए किसी तार के कारण बालकनी की लोहे की ग्रिल में करंट फैल गया होगा।
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। शॉर्ट सर्किट और बिजली के दूसरे संभावित कारणों को भी जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिजली का प्रवाह लोहे की ग्रिल तक कैसे पहुंचा। इसके लिए घर के आसपास की बिजली व्यवस्था और संबंधित परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
ऐसे मामलों में तकनीकी जांच काफी महत्वपूर्ण होती है। इससे पता चल सकता है कि हादसा बिजली के तार में खराबी, किसी संपर्क या दूसरी तकनीकी समस्या के कारण हुआ।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव
घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।
पिता और बेटे के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। शुरुआती जानकारी के आधार पर किसी एक कारण को अंतिम नहीं माना गया है।
वहीं, घायल वर्षा गुप्ता का उपचार रायपुर में जारी है। उनकी स्थिति को लेकर परिवार और स्थानीय लोग चिंतित हैं।
घरों के आसपास हाईटेंशन लाइन से बढ़ता है खतरा
इस घटना ने घरों के आसपास से गुजरने वाली हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। कई रिहायशी इलाकों में बिजली की ऊंची लाइनें मकानों के काफी पास से गुजरती हैं।
ऐसी स्थिति में बिजली के तारों और घर की धातु से बनी संरचनाओं के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।
लोहे की ग्रिल, पाइप और दूसरी धातु की चीजें बिजली का प्रवाह होने पर खतरनाक बन सकती हैं। इसलिए इनमें करंट महसूस होने पर उन्हें हाथ लगाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली के झटके से प्रभावित व्यक्ति को सीधे छूना भी खतरनाक हो सकता है। सबसे पहले सुरक्षित दूरी से बिजली की सप्लाई बंद करानी चाहिए। इसके बाद बिजली विभाग और आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी घरों के आसपास बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
त्योहार के दिन परिवार में पसरा मातम
6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार था। बाजारों में रौनक थी और लोग दीपावली की तैयारियों में जुटे थे। लेकिन बलौदाबाजार के इस परिवार के लिए दिन बेहद दुखद साबित हुआ।
जिस घर में त्योहार की तैयारियां होनी थीं, वहां पिता और बेटे की मौत के बाद मातम छा गया। आसपास रहने वाले लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
एक छोटी सी बिजली संबंधी खराबी कितनी बड़ी दुर्घटना बन सकती है, यह हादसा इसका गंभीर उदाहरण है। फिलहाल परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता घायल महिला का उपचार है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में करंट हादसे ने एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान ले ली। बलौदाबाजार में लोहे की बालकनी ग्रिल में करंट फैलने से कपड़ा कारोबारी राकेश गुप्ता और उनके बेटे ओम गुप्ता की मौत हो गई। वहीं, पत्नी वर्षा गुप्ता गंभीर रूप से घायल हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका हाईटेंशन लाइन से करंट फैलने की है, लेकिन वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में बिजली सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत सामने रखी है।

