चक्रवात मुरासु का असर: चेन्नई में स्कूलों की छुट्टी घोषित, इंडिगो की 10 उड़ानें रद्द
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात मुरासु का असर अब तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दिखाई देने लगा है। चेन्नई में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। वहीं, हवाई यातायात पर भी इसका असर पड़ा है। मौसम की खराब स्थिति के कारण इंडिगो की कई उड़ानें रद्द की गई हैं।
चक्रवात के कारण चेन्नई के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
Cyclone Murasu के कारण चेन्नई में स्कूलों की छुट्टी
चक्रवात मुरासु के प्रभाव को देखते हुए चेन्नई जिला प्रशासन ने 2 नवंबर 2026 को स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की है। यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया है। ऐसे में बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो सकती थी।
इसके अलावा पड़ोसी तिरुवल्लूर जिले में भी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया गया है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया है।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे जिला प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर नजर रखें। साथ ही बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें। मौसम सामान्य होने और प्रशासन की ओर से नए निर्देश मिलने के बाद ही स्कूलों की नियमित गतिविधियां शुरू होंगी।
चेन्नई में भारी बारिश से कई इलाके प्रभावित
चक्रवात मुरासु के बाहरी प्रभाव के कारण चेन्नई और आसपास के जिलों में रविवार रात से बारिश हो रही है। कई इलाकों में लगातार पानी गिरने से सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। चेन्नई के अलावा चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2 नवंबर की सुबह तक कुछ इलाकों में काफी अधिक बारिश दर्ज की गई। कदपक्कम और पार्रीज में लगभग 15 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं, मनाली न्यू टाउन और मनाली में करीब 14 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा सथांगाडु में 13 सेंटीमीटर और काथिवक्कम, एन्नोर, बेसिन ब्रिज तथा पुजल जैसे क्षेत्रों में लगभग 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने का काम कर रही हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेन्नई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि शहर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
ऑरेंज अलर्ट के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। खासकर निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
इसके अलावा बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
इंडिगो की उड़ानों पर पड़ा चक्रवात का असर
चक्रवात मुरासु के कारण हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। खराब मौसम और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए कई उड़ानों को रद्द किया गया है। इनमें इंडिगो की उड़ानें भी शामिल हैं।
विजयवाड़ा एयरपोर्ट से संचालित होने वाली इंडिगो की 10 उड़ानें सोमवार को रद्द की गई हैं। इसके अलावा चेन्नई एयरपोर्ट से आने-जाने वाली 11 उड़ानों को भी खराब मौसम के कारण रद्द किया गया है। इन उड़ानों का संबंध विजयवाड़ा, राजमुंदरी, कडपा और तिरुचिरापल्ली जैसे शहरों से था।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें। वहीं, एयरलाइन की ओर से प्रभावित यात्रियों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जानकारी भेजी जा रही है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन के आधिकारिक माध्यमों से अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें। बिना जानकारी प्राप्त किए एयरपोर्ट पहुंचने से उन्हें अनावश्यक परेशानी हो सकती है।
आंध्र प्रदेश के तट पर टकराएगा चक्रवात मुरासु
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात मुरासु बंगाल की खाड़ी में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2 नवंबर की सुबह तक यह चेन्नई से लगभग 180 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और नेल्लोर से करीब 160 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था।
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह चक्रवात 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इसके नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास तट से टकराने की संभावना जताई गई है।
इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है।
तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे, पेड़ और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति भी खराब रहने की आशंका है।
पांच राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
Cyclone Murasu का प्रभाव केवल तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहने वाला है। मौसम विभाग ने इसके चलते कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
इन राज्यों में शामिल हैं:
- आंध्र प्रदेश: तटीय इलाकों में 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
- तमिलनाडु: 2 और 3 नवंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।
- ओडिशा: दक्षिणी ओडिशा में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
- तेलंगाना: 2 से 4 नवंबर के बीच कई क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है।
- छत्तीसगढ़: चक्रवात के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
चक्रवात मुरासु के कारण समुद्र में तेज लहरें और खराब मौसम रहने की आशंका है। इसे देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। समुद्र में पहले से मौजूद मछुआरों को भी सुरक्षित स्थानों पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने कमजोर मकानों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा है।
इसके अलावा लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाली सड़कों पर वाहन नहीं चलाने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के दौरान घरों के अंदर रहना और सुरक्षित स्थानों पर जाना बेहतर होगा।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, राहत कार्यों की तैयारी
चक्रवात की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमें सक्रिय हैं। चेन्नई में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंप और अतिरिक्त मोटर तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पानी निकालने का काम लगातार किया जा रहा है।
ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, शहर में कुछ स्थानों पर मामूली जलभराव की समस्या सामने आई है। शहर के 22 सबवे में से दो में पानी जमा हुआ था, जिसे जल्द ही निकाल दिया गया। इसके बाद सभी सबवे यातायात के लिए खुले रहे।
प्रशासन का प्रयास है कि बारिश के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। बिजली, सड़क और जल निकासी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी नजर रखी जा रही है।
यात्रियों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
चक्रवात मुरासु के प्रभाव को देखते हुए अगले कुछ दिन तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां बरतना आवश्यक है।
- घर से निकलने से पहले मौसम और यातायात की जानकारी जरूर लें।
- हवाई यात्रा करने वाले यात्री अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचें।
- बिजली के खंभों और टूटे हुए तारों से दूर रहें।
- जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
- मछुआरे समुद्र में जाने से संबंधित प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
- आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करें।
निष्कर्ष
चक्रवात मुरासु के कारण तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में मौसम की स्थिति गंभीर बनी हुई है। चेन्नई में स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी घोषित होने के साथ हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। विजयवाड़ा से इंडिगो की 10 उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि चेन्नई एयरपोर्ट पर भी कई उड़ानों का संचालन बाधित हुआ है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। चक्रवात के तट से टकराने के बाद मौसम की स्थिति में क्या बदलाव आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

