आप की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पुलिस एफआईआर में बताया कि 13 मई को उसके साथ क्या क्या हुआ
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल के पीएस द्वारा की गयी मारपीट ने सब को हैरान कर दिया है। स्वाति ने पुलिस में अपने साथ हुयी मारपीट की शिकायत दर्ज कराई और अपनी शिकायत में स्वाति ने 13 मई को उसके साथ क्या क्या हुआ सब बताया। स्वाति की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 308, 341,354B, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया है।
क्या हुआ था उस दिन स्वाति के साथ
एफआईआर के मुताबिक स्वाति मालीवाल 13 मई को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके कैंप ऑफिस गई थी। ऑफिस जाने के बाद सीएम के पीएस विभव कुमार को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। फिर उन्होंने उसके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से एक मैसेज भेजा। फिर कोई जवाब नहीं मिला।
स्वाति ने आगे बताया, “इसके बाद मैं घर के मुख्य दरवाजे से अंदर गई, जैसा कि मैं पिछले सालों से हमेशा से करती आई हूँ। चूंकि विभव कुमार वहां मौजूद नहीं थे, इसलिए मैं घर के अंदर दाखिल हुई और वहां मौजूद कर्मचारियों को सूचित किया कि वे सीएम से मिलने के बारे में बताएं। मुझे ड्राइंग रूम में जाने को कहा गया। मैं वहां जाकर सोफे पर बैठ गई और मिलने का इंतजार करने लगी। तभी विभव कुमार वहां आ गए।”
स्वाति ने आगे बताया, “विभव ने मुझे कम से कम 7-8 बार थप्पड़ मारा, मैं चिल्लाती रही। मैं बिल्कुल सदमे में थी और बचाव के लिए उसे धकेलने की कोशिश की। वह मुझ पर झपटा, बुरी तरह मेरी शर्ट को ऊपर खींच लिया। मेरी शर्ट के बटन खुल गए और मैं नीचे गिर गई। उसने मेरा सिर टेबल पर पटका और मैं लगातार मदद के लिए चिल्लाती रही। उसने पैरों से मेरी छाती, पेट और शरीर के निचले हिस्से पर मारा। मुझे पीरियडस हो रहे थे, मैंने उससे कहा कि कृपया मुझे जाने दें क्योंकि मैं बहुत दर्द में हूँ। लेकिन उसने बार-बार पूरी ताकत से मुझ पर हमला किया। मैं कोशिश कर रही थी कि किसी तरह से बाहर निकल जाऊं। फिर मैं ड्राइंग रूम के सोफे पर बैठ गई। हमले के दौरान चश्मा नीचे गिर गया था। इस हमले से मैं भयानक सदमे की स्थिति में थी। मुझे गहरा सदमा लगा और मैंने 112 नंबर पर फोन किया और घटना की सूचना दी। विभव ने मुझे धमकी देते हुए कहा, कर ले जो तुझे जो करना है, तू हमारा कुछ नहीं कर पाएगी, ऐसी जगह गाड़ देंगे किसी को भी पता नहीं चलेगा। फिर जब उसे एहसास हुआ कि मैं 112 नंबर पर हूँ तो वह कमरे से बाहर चला गया।”
