NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले बड़ा विवाद: मॉक ड्रिल, छात्रों की चिंता और NTA की नई गलती
परिचय
NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गया है। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने और 21 जून को होने वाले री-एग्जाम से पहले देशभर में तनाव का माहौल है। एक तरफ NTAnews
ने कड़ी सुरक्षा और मॉक ड्रिल का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक गलतियों और छात्रों की चिंता ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद कैसे शुरू हुआ?
NEET UG 2026 में करीब 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के बाद कई कोचिंग हब्स से “गेस पेपर” वायरल होने की खबरें सामने आईं, जिनमें 120 सवाल असली पेपर से मिलते-जुलते पाए गए।
जांच में क्या सामने आया?
- राजस्थान SOG और CBI ने जांच शुरू की
- NTA के कुछ अंदरूनी लोगों की भूमिका संदिग्ध
- लाखों रुपये में प्रश्न बेचने का आरोप
- कई गिरफ्तारियां हुईं
इस पूरे मामले ने 2024 के NEET विवाद की यादें ताज़ा कर दीं।
छात्रों पर असर: मानसिक दबाव और अनिश्चितता
री-एग्जाम की घोषणा ने छात्रों के लिए स्थिति और मुश्किल बना दी है।
मुख्य समस्याएं:
- महीनों की तैयारी “रीसेट” जैसी महसूस हो रही है
- नए एडमिट कार्ड और बदले केंद्र
- सोशल मीडिया अफवाहों से तनाव
- कोचिंग फीस और करियर को लेकर चिंता
कोटा जैसे कोचिंग हब्स में काउंसलिंग सेशन बढ़ाए गए हैं, लेकिन मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
री-एग्जाम के लिए NTA की तैयारियां
NTA ने 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को “फ्लॉलेस” बनाने का दावा किया है।
परीक्षा डिटेल्स:
- तारीख: 21 जून 2026
- समय: दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे
- मोड: पेन-पेपर
- सेंटर: 551 शहरों में + 14 विदेशों में
- कुल सेंटर: 5000+
हाई सिक्योरिटी व्यवस्था (NTA का दावा)
- 2 लाख से अधिक सुरक्षा बल तैनात
- CRPF, CISF की निगरानी
- 1.5 लाख CCTV कैमरे
- जैमर और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
- प्रश्न पत्रों की आर्मी/एयरफोर्स ट्रांसपोर्ट
NTA ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर फैल रही लीक अफवाहें पूरी तरह फर्जी हैं।
मॉक ड्रिल 20 जून: क्या हो रहा है?
री-एग्जाम से एक दिन पहले देशभर में मॉक ड्रिल चल रही है।
ड्रिल में शामिल प्रक्रियाएं:
- प्रश्न पत्र डिस्पैच
- परीक्षा केंद्र हैंडलिंग
- आंसर शीट कलेक्शन
- सिक्योर ट्रांसपोर्ट सिमुलेशन
इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में किसी भी गलती को रोकना है।
NTA की नई गलती: नागपुर छात्र को अबू धाबी सेंटर
री-एग्जाम से ठीक पहले एक बड़ी गलती सामने आई।
मामला:
- नागपुर के छात्र को अबू धाबी सेंटर अलॉट
- छात्र के पास पासपोर्ट नहीं था
- परिवार ने नजदीकी सेंटर चुना था
- NTA ने इसे “टेक्निकल ग्लिच” बताया
इस घटना ने छात्रों का भरोसा और कमजोर कर दिया है।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार NTA की “Zero Error Policy” बार-बार फेल हो रही है।
सुझाव:
- पूरी तरह CBT आधारित परीक्षा
- NTA का पुनर्गठन
- कोचिंग सिस्टम पर नियंत्रण
- मानसिक स्वास्थ्य सपोर्ट सिस्टम
निष्कर्ष
NEET UG 2026 री-एग्जाम सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि NTA के लिए “क्रेडिबिलिटी टेस्ट” बन चुका है। बार-बार की गलतियों, लीक विवाद और तकनीकी गड़बड़ियों ने छात्रों के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है। अब पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही ही आगे का रास्ता तय करेगी।
री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित होगा।
जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ प्रश्नों के लीक होने के आरोप सामने आए थे, जिसकी जांच CBI कर रही है।
परीक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को टेस्ट करने के लिए।

