मणिपुर हिंसा अपडेट 2026: NIA-CRPF ऑपरेशन में 10 गिरफ्तार, कई बड़े मामलों की जांच तेज
मणिपुर में पिछले कई वर्षों से जारी जातीय हिंसा के मामलों में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी NIA, मणिपुर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल CRPF की संयुक्त टीमों ने समन्वित ऑपरेशन में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई राज्य में जारी हिंसा, हथियार लूट, हत्या और सुरक्षा बलों पर हमलों जैसे गंभीर मामलों की जांच के तहत की गई है।
ऑपरेशन का पूरा विवरण
सूत्रों के अनुसार, यह संयुक्त अभियान मणिपुर के कई जिलों में चलाया गया, जिनमें शामिल हैं:
- इम्फाल पूर्व
- इम्फाल पश्चिम
- बिशनुपुर
- चुराचांदपुर
- उखरुल
- चंदेल
- फेरजावल
छापेमारी के दौरान 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जो विभिन्न हिंसक घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभा चुके थे।
किन-किन मामलों से जुड़े हैं आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों को NIA ने छह बड़े मामलों से जोड़ा है:
बैंक लूट का मामला
उखरुल स्थित PNB शाखा में लूट की घटना।
हथियार लूट
5वीं इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) से हथियारों की चोरी।
हत्या का मामला
जिरिबाम में एक हमार महिला की हत्या।
अपहरण और हत्या
चार कुकी व्यक्तियों का अपहरण और हत्या से जुड़ा मामला।
CRPF पर हमला
नरैनसेना क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हमला।
मुख्यमंत्री काफिले पर हमला
तत्कालीन मुख्यमंत्री के काफिले पर घात लगाकर हमला (अंबुश)।
जांच में क्या सामने आया?
NIA के अनुसार, गिरफ्तार लोग जातीय हिंसा के दौरान:
- हिंसा भड़काने
- हथियार जुटाने
- सुरक्षा बलों को निशाना बनाने
- और संगठित हमलों में शामिल थे
एजेंसी अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे नेटवर्क के तार सीमा पार क्षेत्रों जैसे म्यांमार और बांग्लादेश से जुड़े हैं।
मणिपुर हिंसा की पृष्ठभूमि
Manipur में मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय तनाव शुरू हुआ था। धीरे-धीरे यह संघर्ष बड़े पैमाने पर हिंसा में बदल गया।
इस हिंसा में:
- सैकड़ों लोगों की मौत
- हजारों घरों का नुकसान
- लाखों लोगों का विस्थापन
हुआ है। लंबे समय से राज्य में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती जारी है।
सुरक्षा बलों की भूमिका
CRPF की CoBRA यूनिट समेत अतिरिक्त बलों की तैनाती से हाल के महीनों में कई इलाकों में हथियार बरामद किए गए हैं और हिंसा पर नियंत्रण की कोशिशें तेज हुई हैं।
सरकार और प्रशासन की स्थिति
केंद्र और राज्य सरकार लगातार शांति बहाली के प्रयास कर रही हैं। कई दौर की बैठकें और समुदायिक संवाद आयोजित किए गए हैं।
हालांकि, अभी भी कुछ क्षेत्रों में:
- कर्फ्यू
- इंटरनेट प्रतिबंध
- और सुरक्षा गश्त
जारी हैं।
मौजूदा हालात
- विस्थापित परिवार राहत शिविरों में रह रहे हैं
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
- आर्थिक नुकसान हजारों करोड़ में
- कृषि और पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित
आगे की जांच में क्या होगा?
NIA की आगे की जांच में:
- फंडिंग नेटवर्क
- हथियार सप्लाई चैन
- और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
की गहराई से जांच की जाएगी।
संयुक्त ऑपरेशन में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
NIA, CRPF और मणिपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
बैंक लूट, हथियार लूट, हत्या, अपहरण और सुरक्षा बलों पर हमले जैसे गंभीर आरोप।
जांच एजेंसी म्यांमार और बांग्लादेश से संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
मई 2023 से राज्य में जातीय हिंसा शुरू हुई थी।

