राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, टिकट न मिलने पर कुछ विधायकों ने दिखाए बगावत के सुर
राजस्थान में 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी पहली 41 उम्मीदवारों की सूचि जारी कर दी है। बीजेपी की इस लिस्ट के जारी होते ही पार्टी में बगावत के सुर दिखाई देने लगे हैं। दरअसल बीजेपी से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार जो जारी हुयी 41 सीटों की लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना पाए हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव में या तो निर्दलीय या अन्य पार्टी से चुनाव लड़ने की योजना के साथ विद्रोह का झंडा बुलंद कर दिया है। वहीँ बीजेपी की केंद्रीय इकाई राजस्थान में हो रहे इस विद्रोह से परेशान है। यह भी सुनने में आ रहा है कि इसमें से ज्यादातर विधायक पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के वफादार हैं।
समर्थकों ने किया विरोध प्रदर्शन
इस नाराज समूह में राजपाल सिंह शेखावत (झोटवाड़ा), विकास चौधरी (किशनगढ़), राजेंद्र गुर्जर (देवली उनियारा) और अनिता गुर्जर प्रमुख हैं। ये सभी विधायक उन्ही सीटों से चुनाव लड़ने का विचार बना रहे थे जहाँ से इन्हे टिकट नहीं दिया गया है। कुछ दिनों पहले राजपाल सिंह शेखावत के समर्थकों ने टायर भी जलाये और जयपुर स्थित बीजेपी के कार्यालय में घुसने की भी कोशिश की। शेखावत समर्थकों जैसा ही विरोध प्रदर्शन राजेंद्र गुर्जर के समर्थकों ने भी किया। शेखावत को लेकर सूत्रों से पता लगा है कि शेखावत हर दिन सार्वजनिक बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। संदेश स्पष्ट है कि पार्टी को जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के नामांकन पर फिर से विचार करना चाहिए, अन्यथा शेखावत निर्दलीय या किसी अन्य चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
वहीँ विकास चौधरी ने खुले तौर पर बीजेपी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने की योजना का एलान किया है। वहीं अनीता गुर्जर जिनके समर्थकों ने भी बीजेपी कार्यालय पर हंगामा किया था वह भी एक और टिकट की इच्छुक हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत के दामाद और मौजूदा विधायक नरपत सिंह राजवी ने उनकी जगह टिकट पाने वाली राजसमंद सांसद और पूर्व जयपुर राजघराने दीया कुमारी के परिवार पर निशाना साधा है।
