बीएसपी के नेता मलूक नागर ने जयंत चौधरी को लेकर दिया बड़ा वयान, इस वयान से पश्चिमी यूपी की सियासत गर्मा गयी है
बीएसपी सांसद मलूक नागर ने जयंत चौधरी को लेकर एक ऐसा वयान दिया है। जिससे पश्चिमी यूपी की सियासत में हलचल मच गयी है। जिससे भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आज़ाद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बसपा और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद के बीच की तल्खी किसी से छुपी हुयी नहीं है। वैसे तो चंद्रशेखर बसपा सुप्रीमो मायावती को अपना राजनैतिक गुरु बताते नहीं थकते हैं। लेकिन बसपा को वह एक आँख नहीं सुहाते हैं।
ये तो सभी जानते हैं कि जयंत चौधरी का पश्चिमी यूपी में एक बड़ा जनाधार है। जाट मतदाताओं में उनकी लम्बे समय से पैंठ रही है। पश्चिमी यूपी की 12 से 14 सीटों पर जाट मतदाता सीधा असर डालते हैं। ऐसे में सपा और भाजपा दोनों ही पार्टियां चाहती हैं कि जयंत चौधरी उनके साथ आ जाएँ। ऐसे में बसपा के सांसद मलूक नागर ने जयंत चौधरी की जम कर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि जयंत पश्चिमी यूपी के एक बड़े नेता हैं वे जिस पार्टी में चले जायेंगे उसी पार्टी का पडला भारी हो जायेगा। इस वयान से ऐसा लग रहा है कि बसपा भी जयंत पर डोरे डालने लगी है।
क्या बसपा जयंत को अपने खेमे में लेना चाहती है
बसपा सांसद मलूक नागर ने एक निजी चैनल पर कहा कि जयंत चौधरी पश्चिमी यूपी के एक बड़े नेता हैं। वो जहाँ जायेंगे वहां का पडला भारी हो जायेगा। बसपा सांसद के इस वयान को एक सियासी समीकरण से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस वयान से ऐसा लगता है कि बसपा जयंत को अपने खेमे में लेना चाहती है। जयंत चौधरी भी पश्चिमी यूपी में ओबीसी, मुस्लिम और दलित समीकरण के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश में लगे हुए हैं। ऐसे में यदि जयंत चौधरी बसपा के साथ गठबंधन कर लेते हैं तो आगामी लोकसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। लेकिन यह गठबंधन चंद्रशेखर के लिए मुश्किलें खड़ा कर सकता है।
पश्चिमी यूपी में जयंत और चंद्रशेखर की करीबी किसी से छुपी नहीं है। खतौली उपचुनाव से लेकर जंतरमंतर पर पहलवानों के विरोध प्रदर्शन तक में दोनों नेताओं को एकसाथ देखा गया। यही नहीं जब चंद्रशेखर पर हमला हुआ था तब भी जयंत चंद्रशेखर का हालचाल लेने पहुंचे थे। ऐसे में यदि बसपा और रालोद का गठबंधन होता है तो चंद्रशेखर का पत्ता कटना तय है।
