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बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी की बैठक में घोषित किया अपना उत्तराधिकारी

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आज रविवार को लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की बैठक हुयी। इस बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ उनके भतीजे और नेशनल कोर्डिनेटर आकाश आनंद भी शामिल हुए। इस बैठक में सभी राष्ट्रिय पदाधिकारी और सभी राज्यों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।

सूत्रों के अनुसार बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस बैठक में अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। उन्होंने अपने भतीजे और नेशनल कोर्डिनेटर आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। अब 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए आकाश आनंद का कद बढ़ाये जाने का संकेत मिल गया है।

आकाश आनंद कौन हैं

आकाश आनंद मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। आकाश ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गुरुग्राम से की और उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए लंदन चले गए। लंदन से ही आकाश ने एमबीए की डिग्री ली। आकाश आनंद की राजनीती में एंट्री 2017 में हुयी। मायावती ने 2017 में सहारनपुर की एक रैली के दौरान आकाश आनंद को लांच किया। इसी साल जून में आकाश की शादी बसपा के नेता अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा से हुयी। आकाश आनंद लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। उनके ट्विटर पर करीब 2 लाख फॉलोवर हैं। फेसबुक पर 52 हजार फॉलोवर हैं। इंस्टाग्राम पर 37 हजार से ज्यादा फॉलोवर हैं।

राजस्थान चुनाव के दौरान बसपा की जिम्मेदारी आकाश आनंद ने संभाल रखी थी।  उन्होंने राज्य में काफी दिनों तक पद यात्रा भी निकाली थी। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की। पार्टी ने राज्य में करीब 5 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए।

मायावती ने आकाश को ही क्यों चुना

आज मायावती ने जैसे ही अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित है। वैसे ही सियासी गलियारों में आकाश आनंद की सांगठनिक क्षमता को लेकर नयी बहस छिड़ने की पूरी संभावना है। बसपा सुप्रीमो ने अनुभवी नेताओं को छोड़ युवा चेहरे पर ही दांव क्यों लगाया ? इसे लेकर अभी तक कोई भी राजनैतिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है। लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती की इसके पीछे की मंशा साफ नजर आ रही है, वे आकाश आनंद के भविष्य को सुनिश्चित करना चाहती हैं। जैसे क्रिकेट में खिलाडियों को प्रैक्टिस मैच खिलाकर सभी दांव पेच सिखाये जाते हैं उसी तरह आकाश आनंद को राजनीती के लिए प्रैक्टिस मैच देना चाहती हैं जिससे आकाश को चुनावी दांव पेच, टिकट वितरण, चुनाव प्रचार और अन्य पहलुओं का अनुभव मिल सके।

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