जाति जनगणना को लेकर दिए गए आरएसएस के वयान पर कांग्रेस महासचिव ने सरकार से पूछे सवाल
जाति जनगणना को लेकर आरएसएस ने केरल के पलकक्ड़ में हुए एक कार्यक्रम में वयान दिया कि जातिगत जनगणना होनी तो चाहिए। लेकिन इसे सिर्फ राजनैतिक फायदे के लिए नहीं करवाया जाना चाहिए। आरएसएस के इस वयान पर कांग्रेस ने कहा कि संघ की तरफ से हरी झंडी मिल गयी है तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस की एक और गारंटी को हाईजैक कर के जातिगत जनगणना कराएँगे? कांग्रेस ने सरकार और संघ को घेरते हुए इस तरफ के पांच सवाल पूछे हैं।
दरअसल केरल के पलकक्ड़ में आरएसएस के एक कार्यक्रम में आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने सोमवार को कहा था कि संघ को जातिगत जनगणना से कोई आपत्ति नहीं है। मगर आंकड़ें का इस्तेमाल लोगों के कल्याण के लिए होना चाहिए, ना कि चुनावी फायदे के लिए राजनीतिक औजार के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जाए। संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के इस वयान पर कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार से पांच सवाल किये।
जयराम रमेश ने सरकार से पूछे सवाल
आरएसएस के जातिगत जनगणना पर दिए गए वयान पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संघ और सरकार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर पांच सवाल पूछे। उन्होंने लिखा, “जाति जनगणना को लेकर आरएसएस की उपदेशात्मक बातों से कुछ बुनियादी सवाल उठते हैं। क्या आरएसएस के पास जाति जनगणना पर निषेधाधिकार है? जाति जनगणना के लिए इजाजत देने वाला आरएसएस कौन है? आरएसएस का क्या मतलब है जब वह कहता है कि चुनाव प्रचार के लिए जाति जनगणना का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए? क्या यह जज या अंपायर बनना है? आरएसएस ने दलितों, आदिवासियों और ओबीसी के लिए आरक्षण पर 50% की सीमा को हटाने के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता पर रहस्यमई चुप्पी क्यों साध रखी है? अब जब आरएसएस ने हरी झंडी दिखा दी है तब क्या नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री कांग्रेस की एक और गारंटी को हाईजैक करेंगे और जाति जनगणना कराएंगे?”
