यूपी में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मिली हार की आतंरिक समीक्षा में पांच बड़ी वजह सामने आयी
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यूपी में बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद से हार की वजह को जानने के लिए लगातार समीक्षा चल रही थी। यूपी में बीजेपी के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी इसी सिलसिले में आज शनिवार को बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। भूपेंद्र चौधरी ने जेपी नड्डा के सामने एक रिपोर्ट पेश की। जिसमे बताया गया कि यूपी में बीजेपी की हार की क्या क्या वजह रहीं।
यूपी बीजेपी अध्यक्ष ने बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष जेपी नड्डा को यूपी के हालातों की जानकारी दी। उन्होंने महंत राजू दास के साथ अयोध्या में बीजेपी की समीक्षा बैठक के दौरान दो मंत्रियों की मौजूदगी में डीएम के साथ हुई झड़प की जानकारी भी दी। दरसअल बीजेपी अयोध्या में मिली हार को पचा नहीं पा रही है। राम मंदिर निर्माण के बाद से बीजेपी यहाँ से जीत का दम भर रही थी। लेकिन लोकसभा चुनाव के नतीजे बिल्कुल ही उलटे रहे। यहाँ से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद को जीत मिली।
आतंरिक समीक्षा में सामने आयी वजह
लोकसभा चुनाव के नतीजों में यूपी में बीजेपी को मिली हार को लेकर लगातार वजह तलाशने की समीक्षा शुरू हो गयी थी। बीजेपी की आतंरिक समीक्षा में प्रमुख पांच वजह सामने आयी, जो निम्नलिखित हैं :
* लोकसभा चुनाव के दौरान अधिकारियों की मनमानी
* चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं होना
* संविदा पर की जा रही भर्तियों और उनमें आरक्षण नहीं होने के मुद्दे को लेकर लोगों के बीच असंतोष पनपना
* बीजेपी नेताओं के जरिए संविधान बदलने की बात कहना
* मतदाता सूची से नाम कटने की बात
दरअसल देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी में बीजेपी को 80 में से 33 सीटों पर जीत मिली है। अगर 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से इसकी तुलना की जाए तो ये सीटें लगभग आधी हैं। 2019 में बीजेपी को 62 सीटों पर जीत मिली थी। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल उसके सहयोगियों अपना दल और आरएलडी को क्रमशः एक और दो सीटों पर जीत मिली। इस तरह एनडीए के खाते में 80 में से 36 सीटें आईं।
