सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के इस्तीफे का लेटर, दिग्विजय सिंह ने वायरल लेटर पर ट्वीट कर कहा….
मध्यप्रदेश में जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे वैसे सोशल मीडिया राजनीति में अहम रोल निभाती जा रही है। आये दिन सोशल मीडिया पर कोई न कोई लेटर वायरल हो जाता है जिससे राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ जाती हैं। रविवार को सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हुआ। यह लेटर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कांग्रेस से इस्तीफे का है। यह लेटर दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखा है।
वायरल लेटर दिग्विजय सिंह के लेटर हेड पैड पर लिखा हुआ है। इस लेटर हेड पैड पर वाकायदा दिग्विजय सिंह के भोपाल और दिल्ली के आवास का पता लिखा हुआ है।
वायरल लेटर
कांग्रेस अध्यक्ष के नाम लिखे इस लेटर में लिखा है कि अपने पांच दशक के राजनीतिक सफर में कई अनुभव मुझे कांग्रेस में रहते हुए मिले। एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक का सफर मैंने कांग्रेस पार्टी में रहते हुए तय किया। पार्टी ने मुझे राष्ट्रीय महासचिव से लेकर राज्यसभा सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचाने का काम किया, जिसके लिए मैं आजीवन आभारी रहूंगा, लेकिन गत कुछ महीनों से शीर्ष नेतृत्व का निष्ठावान कार्यकर्ताओं के प्रति निराशा, नीति और नेतृत्व में उदासीनता देखकर मैं आहत हूं। मध्य प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ता केन्द्रित दल न होकर अब विशेष नेता केन्द्रित हो गई है, जिसकी वजह से खुद को असहज पा रहा हूँ। मध्य प्रदेश चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के चयन में मेरे द्वारा दिए गए नामों पर विचार नहीं किया गया है। निष्ठावान कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं दिए जाने से मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। मैं अब एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया हूं जहां मुझे लगता है कि मैं अब ऐसे अन्यायपूर्ण माहौल में नहीं रह सकता। मैं उन सभी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। जिन्होंने वर्षों से मेरी विभिन्न पार्टी भूमिकाओं में मेरा समर्थन किया है। भारी मन से मैं पार्टी के साथ अपना जुड़ाव खत्म करने के अपने फैसले की घोषणा करता हूँ। कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पद से इस्तीफा देता हूं। इसे स्वीकार करें।
दिग्विजय सिंह ने वायरल लेटर पर किया पलटवार
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लेटर पर पलटवार करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बीजेपी झूठ बोलने में माहिर है। मैंने 1971 में कांग्रेस की सदस्यता ली थी। पद के लिए नहीं बल्कि विचारधारा से प्रभावित होकर जुड़ा था और जीवन की आखिरी सांस तक कांग्रेस में रहूँगा। इस झूठ की मैं पुलिस में शिकायत दर्ज कर रहा हूँ।“
